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This is live training on production of basil (Tulsi), Mentha (Pudina) & Bhuinimb (Kalmegh)
औषधीय पौधों का उत्पादन || Production Processing & Storage of Medicinal & Aromatic Plants Part 02
मगही पान की खेती में ICM तकनीक अपनाकर रंजीत चौरसिया अब अधिक आमदनी ले रहे हैं, पहले वे पारंपरिक विधि से पान की खेती कर रहे थे जिससे कभी उन्हें फायदा तो कभी नुकसान उठाना पड़ता था, लेकिन जब से वे पान अनुसंधान केंद्र, इस्लामपुर के संपर्क में आए तब से उन्हें पान में ICM विधि का पता चला, BRC के प्रयास से वे इस विधि को अपनाने का संकल्प लिया. अब रंजीत चौरसिया नई विधि यानि पान में समेकित फसल प्रबंधन अपना कर स्थिर और अत्यधिक लाभ अर्जित कर रहे हैं और बिहार-उत्तर प्रदेश के बाज़ारों में मगही पान की खुशबू बिखेर रहे हैं.
पान अन्य फसलों की तरह ही एक नकदी फसल है, पुरे देश में पान खाने का प्रचलन है. इस फिल्म को देखकर आप अपने इलाक़े में पान की खेती की संभावना तलाश सकते हैं, अगर आप पान की खेती करते आ रहे हैं तो भी इस फिल्म से वैज्ञानिक खेती सीख सकते हैं.
तुलसी का पौधा धार्मिक एवं औषधीय महत्व का है, इसकी खेती आसन और कम लागत में होती है, जिसकी महत्ता पुरानी चिकित्सा पद्धति एवं आधुनिक चिकित्सा पद्धति दोनों में है। वर्त्तमान में इससे अनेकों खाँसी की दवाएँ साबुन, हेयर शैम्पू आदि बनाए जाते लगे हैं। जिससे तुलसी के उत्पाद की मांग काफी बढ़ गई है। अत: मांग की पूर्ति के लिए आप भी तुलसी की खेती कर सकते हैं
भारत में एलोवेरा या घृतकुमारी का व्यासायिक उत्पादन सौन्दर्य प्रसाधन के साथ दवा निर्माण के लिए किया जाता है। घृतकुमारी की पट्टी ही व्यवसायिक इस्तेमाल में आती है। वर्तमान समय में इसका इस्तेमाल औषधीय निर्माण, सौदर्य प्रसाधन, सब्जी और आचार के लिए किया जाता है। आप किसान भाई अपने आस पास इसके बाज़ार का सर्वे कर इसकी खेती शुरू कर सकते हैं. खेती शुरू करने से पहले किसी कम्पनी से कॉन्ट्रैक्ट जरूर कर लें. इस फिल्म में एलोवेरा की वैज्ञनिक खेती के बारे में पूरी जानकारी दी गयी है|
